Our Mission

अखिल आदिवासी चेतना मंच

हमारे इस संस्था का नाम ‘अखिल आदिवासी चेतना मंच’ है। जिसका प्रधान कार्यालय – मो० रामजीचक, पो० – बाटागंज, थाना – दीघा, जिला – पटना, पिन 80018 (बिहार) में स्थित है। बता दूं, कि हमारे इस संस्था का कार्यक्षेत्र पूरे भारत देश में फैला है। हम इस संस्था की मदद से गरीबों और जरूरतमंद लोगों की मदद करते हैं। उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने की कोशिश करते हैं। हमारे इस संस्था का मुख्य उद्देश्य, आदिवासी समाज तथा अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों को ज्ञान और कौशल से नीपूर्ण करने के लिए विभिन्न प्रकार के जागरूक कार्यक्रमों की शुरुआत करना, ताकि लोगों में जागरूकता फैल सके।

आदिवासी अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़े और कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत करना, ताकि आदिवासी समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा सके। जिनसे उनका आर्थिक विकास हो तथा मुसीबत और समस्याओं की स्थिति में जैसी की  बीमारी, शादी या किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में हमारा संस्था उनका संपूर्ण रूप से सहयोग प्रदान करता है। आदिवासी अनुसूचित जाति-जनजाति तथा अन्य महिला श्रमिक व मजदूर, बाल श्रमिक, अल्पसंख्यक और अन्य मजदूरों के कल्याण तथा उनके लिए शिक्षा और चिकित्सा इत्यादि की व्यवस्था कराना। इसके अलावा सरकार द्वारा चलाए जा रहे, विभिन्न योजनाओं से उन्हें लाभ दिलाने का प्रयास करना ही हमारा एक मात्र कर्तव्य है।

हमारी संस्था लोगों के बीच शिक्षा और प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का संचालन करता है, ताकि लोगों के बौद्धिक विकास में मदद हो सके और आवासीय विद्यालय, शिक्षण केंद्र, सर्व शिक्षा पुस्तकालय, छात्रावास, व्यस्क शिक्षा, अनौपचारिक शिक्षा, विज्ञान संग्रहालय इत्यादि का अच्छी तरह से इंतजाम करना। इसके अलावा आदिवासी समाज तथा अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लिए विद्यालयों का संचालन करना, ताकि आदिवासी छात्र एवं छात्रों को हर संभव आर्थिक सहायता देकर आगे बढ़ने में मदद करना तथा मेघावी गरीब छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करना ताकि आदिवासी समाज के गरीब पिछड़े वर्ग के लोग भविष्य में तरक्की कर सकें और वह अपने पैरों पर खड़े होकर अपने पूरे परिवार का पालन पोषण कर सके।

 हमारी संस्था उन तमाम आदिवासी समाज की मदद करने के लिए तत्पर है, जो जरूरतमंद और गरीब है तथा उन्हें सहायता की आवश्यकता है। हमरी संस्था आदिवासी अनुसूचित जाति-जनजाति और अन्य महिलाओं तथा पुरुषों के आर्थिक विकास के लिए कई तरह के कारोबार शुरू करने के लिए भी लोगों की मदद करती है, जैसे कोई लघु उद्योग जिसके अंतर्गत आचार, बरी, चटनी, पापड़, मोमबत्ती, अगरबत्ती, लाह चूड़ी, पत्तल प्लेट इत्यादि बनाने का प्रशिक्षण देती है, ताकि व्यक्ति अपना खुद का कारोबार शुरू कर सके। हमारी संस्था लोगों को अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रोत्साहित करती है और हर संभव कार्य करती है, ताकि आदिवासी अनुसूचित जाति-जनजाति तथा महिला एवं पुरुषो का आर्थिक विकास हो सके।

 इसके अलावा कुटीर उद्योगो जैसे कि गृह उद्योग, हस्तशिल्प, खादी ग्रामोद्योग, पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन, रेशम कीट पालन, फल एवं खाद्य प्रसंस्करण इत्यादि का प्रशिक्षण देती है तथा इस कारोबार से संबंधित हर छोटी बड़ी चीज का ज्ञान उन्हें देती है, ताकि वह इस कारोबार के जरिए अपने परिवार का पालन पोषण कर सके। हमारी संस्था का उद्देश्य लोगों का उत्थान करना है तथा उनके आर्थिक विकास को बेहतर बनाना ही हमारा लक्ष्य है। आदिवासी अनुसूचित जाति-जनजाति पिछड़े एवं अन्य शिक्षित बेरोजगार चाहे युवक हो या युक्तियां हर किसी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आशुलिपि, इलेक्ट्रॉनिक्स, टंकण कला एवं अन्य तकनीकी और गैर तकनीकी शिक्षण से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन करती है ताकि पढ़े-लिखे युवक और युवतियों को नौकरियां मिल सके, उन्हें रोजगार प्राप्त हो सके।

आदिवासी अनुसूचित जाति-जनजाति पिछड़े तथा अनाथ बच्चों और बूढ़ों के लिए रहने के लिए आश्रय स्थल तथा भोजन, शिक्षा और उनके मनोरंजन इत्यादि की व्यवस्था भी कराती है। उनके लिए कल्याणकारी कार्यों का संपादन भी करती है। हमारी संस्था अनाथ बच्चों का पालन पोषण करती है तथा बुजुर्गो को रहने के लिए छत और सारी सुख सुविधाएं मुहैया कराती है। आदिवासी अनुसूचित जाति-जनजाति पिछड़ा तथा महिलाओं एवं बच्चों की चौमुखी विकास के लिए स्वयं सहायता समूह महिला मंडल, महिला सशक्तिकरण, बालाबाड़ी, आंगनबाड़ी, पालना गृह, पौष्टिक आहार केंद्र, ग्रामीण विकास योजना इत्यादि का संचालन करती है। हमारी संस्था आदिवासी समुदाय के तमाम बच्चों के विकास के लिए हर मुमकिन कोशिश करती है।

हाल ही में कोविड-19 के दौरान हमारी संस्था उन तमाम जरूरतमंद श्रमिक व मजदूरों की मदद के लिए तत्पर रहा। उन्हें सैनिटाइजर मास्क तथा खाद्य सामग्रियों को घर-घर में मुहैया कराया। इसके अलावा हमने कई ऐसे जागरूकता अभियान भी चलाए जिससे कोविड-19 से बचा जा सके। हमारी संस्था ‘अखिल आदिवासी चेतना मंच’ भारत के प्रत्येक पिछड़े और अनुसूचित वर्ग के लोगों के लिए तत्पर खड़ी रहती है तथा उनके मुश्किल समय में उनका सहयोग करती है और हमारी पूरी कोशिश रहती है, की  उनका आर्थिक विकास हो सके, उनका भविष्य और उनका आज सुरक्षित हो सके। हमारा कार्य उनके चेहरों पर खुशी लाना है, हमारा कार्य उन गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चों का भविष्य को बेहतर बनाना है, हमारा कार्य उन बुजुर्गों जिसका इस दुनिया में कोई नहीं है या जिन्हें सड़क पर छोड़ दिया जाता है उन्हें छत देना है। अनाथ बच्चे जिनका इस दुनिया में अपना कोई नहीं उसे हमारी संस्था के द्वारा भविष्य में कुछ बनने के लिए प्रोत्साहित करती है। हमारी संस्था वैसे तमाम लोग जो जिंदगी में अपना कारोबार करना चाहते हैं, उन्हें प्रशिक्षण देकर कारोबार के लिए प्रोत्साहित करती है।